तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَكَذَٰلِكَ أَنزَلْنَـٰهُ قُرْءَانًا عَرَبِيًّا وَصَرَّفْنَا فِيهِ مِنَ ٱلْوَعِيدِ لَعَلَّهُمْ يَتَّقُونَ أَوْ يُحْدِثُ لَهُمْ ذِكْرًا ﴿١١٣﴾
और जिस प्रकार हमने पिछले लोगों की कहानियाँ उतारीं हैं, उसी तरह हमने इस क़ुरआन को स्पष्ट अरबी भाषा में उतारा है और उसमें विभिन्न प्रकार की चेतावनियों जैसे धमकियों और डराने वाली बातों का वर्णन किया है; इस आशा में कि वे अल्लाह से डरें या क़ुरआन उनके लिए उपदेश और नसीहत पैदा कर दे।