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طه

आयत 104

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

نَّحْنُ أَعْلَمُ بِمَا يَقُولُونَ إِذْ يَقُولُ أَمْثَلُهُمْ طَرِيقَةً إِن لَّبِثْتُمْ إِلَّا يَوْمًا ﴿١٠٤﴾

हम सबसे अधिक जानने वाले हैं कि वे आपस में चुपके-चुपके क्या बात कर रहे होंगे, उनकी कोई चीज़ हमसे छिपी नहीं है। जब उनमें सबसे समझदार व्यक्ति कहेगा : तुम बरज़ख़ में केवल एक दिन रहे हो, उससे अधिक नहीं।