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البقرة

आयत 95

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَن يَتَمَنَّوْهُ أَبَدًۢا بِمَا قَدَّمَتْ أَيْدِيهِمْ ۗ وَٱللَّهُ عَلِيمٌۢ بِٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿٩٥﴾

वे हरगिज़ मौत की कामना कभी नहीं करेंगे; क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में अल्लाह के साथ कुफ़्र, उसके रसूलों को झुठलाने और उसकी किताबों को विकृत करने जैसे पाप करके आगे भेजे हैं। तथा अल्लाह उनमें से और उनके अलावा में से ज़ालिमों को ख़ूब जानने वाला है और वह प्रत्येक को उसके कार्य का बदला देगा।