तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذْ أَخَذْنَا مِيثَـٰقَكُمْ لَا تَسْفِكُونَ دِمَآءَكُمْ وَلَا تُخْرِجُونَ أَنفُسَكُم مِّن دِيَـٰرِكُمْ ثُمَّ أَقْرَرْتُمْ وَأَنتُمْ تَشْهَدُونَ ﴿٨٤﴾
तथा उस पक्के वचन को याद करो, जो हमने तौरात में तुमसे लिया था कि तुम आपस में एक-दूसरे का ख़ून नहीं बहाओगे और न एक-दूसरे को उनके घरों से निकालोगे। फिर तुमने उस वचन को मान लिया जो हमने तुमसे लिया था, और तुम स्वयं इसके सही होने की गवाही देते हो।