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البقرة

आयत 6

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ سَوَآءٌ عَلَيْهِمْ ءَأَنذَرْتَهُمْ أَمْ لَمْ تُنذِرْهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ ﴿٦﴾

जिन लोगों पर ईमान न लाने की अल्लाह की बात सिद्ध हो चुकी है, वे अपनी पथभ्रष्टता और हठ पर क़ायम रहने वाले हैं। इसलिए आपका उन्हें डराना और न डराना बराबर है।