तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ثُمَّ عَفَوْنَا عَنكُم مِّنۢ بَعْدِ ذَٰلِكَ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ ﴿٥٢﴾
फिर तुम्हारे तौबा (क्षमा याचना) कर लेने के बाद, हमने तुम्हें क्षमा कर दिया, चुनाँचे हमने तुम्हारी पकड़ नहीं की, ताकि तुम अल्लाह की अच्छी इबादत और आज्ञापालन करके उसका शुक्रिया अदा करो।