तफ़सीर अल-मुख़्तसर
حَـٰفِظُوا۟ عَلَى ٱلصَّلَوَٰتِ وَٱلصَّلَوٰةِ ٱلْوُسْطَىٰ وَقُومُوا۟ لِلَّهِ قَـٰنِتِينَ ﴿٢٣٨﴾
नमाज़ों को अल्लाह के आदेश के अनुसार पूर्ण रूप से अदा करके, उनका संरक्षण (पाबंदी) करो और समस्त नमाज़ों के बीच मध्य नमाज़ अर्थात् अस्र की नमाज़ का संरक्षण (पाबंदी) करो और अपनी नमाज़ में अल्लाह के आज्ञाकारी बनकर विनयपूर्वक खड़े रहो।