तफ़सीर अल-मुख़्तसर
هَلْ يَنظُرُونَ إِلَّآ أَن يَأْتِيَهُمُ ٱللَّهُ فِى ظُلَلٍ مِّنَ ٱلْغَمَامِ وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ وَقُضِىَ ٱلْأَمْرُ ۚ وَإِلَى ٱللَّهِ تُرْجَعُ ٱلْأُمُورُ ﴿٢١٠﴾
शैतान के रास्तों पर चलने वाले, सत्य के मार्ग से विचलित ये लोग केवल इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनके बीच निर्णय करने के लिए क़ियामत के दिन अल्लाह अपनी महिमा एवं प्रताप के योग्य, बादलों के सायों में उनके पास आ जाए, तथा फ़रिश्ते भी उन्हें चारों ओर से घेरे हुए उनके पास आ जाएँ, और उस समय उनके बारे में अल्लाह के हुक्म को पूरा कर दिया जाएगा और काम तमाम हो जाएगा। तथा लोगों के सारे मामले और विषय अकेले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।