तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يُعْجِبُكَ قَوْلُهُۥ فِى ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَيُشْهِدُ ٱللَّهَ عَلَىٰ مَا فِى قَلْبِهِۦ وَهُوَ أَلَدُّ ٱلْخِصَامِ ﴿٢٠٤﴾
लोगों में कोई व्यक्ति मुनाफ़िक़ भी है, जिसकी बात इस दुनिया के बारे में - ऐ नबी! - आपको अच्छी लगती है। चुनाँचे आप उसे सुभाषी देखते हैं, यहाँ तक कि आपको उसके सच्चे और शुभचिंतक होने का गुमान होता है। जबकि उसका उद्देश्य केवल अपने धन एवं प्राण की रक्षा करना है। तथा उसके दिल में जो ईमान और भलाई है, उसपर वह अल्लाह को गवाह बनाता है - हालाँकि वह झूठा है -, तथा वह मुसलमानों के प्रति बहुत शत्रुतापूर्ण और सख़्त झगड़ालू है।