तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ثُمَّ أَفِيضُوا۟ مِنْ حَيْثُ أَفَاضَ ٱلنَّاسُ وَٱسْتَغْفِرُوا۟ ٱللَّهَ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴿١٩٩﴾
फिर तुम अरफ़ात से वापस आओ, जैसे कि इबराहीम अलैहिस्सलाम का अनुसरण करने वाले लोग करते थे, उन जाहिलिय्यत के लोगों की तरह नहीं, जो यहाँ ठहरते ही नहीं थे। तथा तुम अल्लाह के आदेश का पालन करने में अपनी कोताही पर उससे क्षमा माँगो। निःसंदेह अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों को क्षमा करने वाला और उनपर दया करने वाला है।