×

البقرة

आयत 154

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَا تَقُولُوا۟ لِمَن يُقْتَلُ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ أَمْوَٰتٌۢ ۚ بَلْ أَحْيَآءٌ وَلَـٰكِن لَّا تَشْعُرُونَ ﴿١٥٤﴾

(ऐ मोमिनो!) तुम उनके बारे में जो अल्लाह के मार्ग में जिहाद के कारण मारे जाएँ, यह मत कहो : वे मर गए, जैसे उनके अलावा दूसरे लोग मरते हैं। बल्कि, वे अपने रब के पास जीवित हैं। लेकिन तुम उनके जीवन का एहसास नहीं करते; क्योंकि वह एक विशिष्ट जीवन है, जिसे जानने का एकमात्र तरीक़ा अल्लाह की वह़्य है।