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البقرة

आयत 15

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱللَّهُ يَسْتَهْزِئُ بِهِمْ وَيَمُدُّهُمْ فِى طُغْيَـٰنِهِمْ يَعْمَهُونَ ﴿١٥﴾

उनके ईमान वालों का उपहास करने के मुक़ाबिले में, अल्लाह उनका मज़ाक़ उड़ाता है, उन्हें उनके कार्य ही के समान बदला देने के तौर पर। यही कारण है कि उनके लिए इस दुनिया में मुसलमानों के नियम लागू किए हैं, लेकिन आख़िरत में उन्हें उनके कुफ़्र तथा निफ़ाक़ का बदला देगा। तथा अल्लाह उन्हें ढील देता है, ताकि वे अपनी गुमराही और सरकशी में बने रहें। इस तरह वे अचंभे तथा असमंजस (दुविधा), में पड़े रहें।