तफ़सीर अल-मुख़्तसर
رَبَّنَا وَٱجْعَلْنَا مُسْلِمَيْنِ لَكَ وَمِن ذُرِّيَّتِنَآ أُمَّةً مُّسْلِمَةً لَّكَ وَأَرِنَا مَنَاسِكَنَا وَتُبْ عَلَيْنَآ ۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلتَّوَّابُ ٱلرَّحِيمُ ﴿١٢٨﴾
ऐ हमारे पालनहार! तू हमें अपने आदेश के प्रति समर्पित होने वाला और अपना आज्ञाकारी बना दे कि हम तेरे साथ किसी को भी साझी न बनाएँ। तथा हमारे वंश से भी एक ऐसा समुदाय बना, जो तेरा आज्ञाकारी हो। और हमें अपनी इबादत सिखा दे कि वह कैसे होनी चाहिए, तथा हमारे गुनाहों और अपने आज्ञापालन में हमारी कमियों को क्षमा कर दे; निःसंदेह तू ही है जो अपने तौबा करने वाले बंदों की तौबा को बहुत क़बूल करने वाला, उनपर अत्यंत दयालु है।