×

البقرة

आयत 110

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَأَقِيمُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتُوا۟ ٱلزَّكَوٰةَ ۚ وَمَا تُقَدِّمُوا۟ لِأَنفُسِكُم مِّنْ خَيْرٍ تَجِدُوهُ عِندَ ٱللَّهِ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرٌ ﴿١١٠﴾

नमाज़ को उसके अरकान, वाजिबात और सुन्नतों के साथ पूर्ण रूप से अदा करो, और अपने धनों की ज़कात निकालकर उसके हक़दारों को दो। तुम अपने जीवन काल में जो भी नेक काम करोगे और उसे अपनी मृत्यु से पहले अपने लिए एक कोष के रूप में आगे भेजोगे; क़ियामत के दिन तुम अपने रब के पास उसका सवाब पाओगे। वह तुम्हें उसका प्रतिफल प्रदान करेगा। निःसंदेह अल्लाह, जो कुछ तुम करते हो, उसे ख़ूब देखने वाला है। इसलिए वह हर एक को उसके काम का प्रतिफल देगा।