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مريم

आयत 66

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَيَقُولُ ٱلْإِنسَـٰنُ أَءِذَا مَا مِتُّ لَسَوْفَ أُخْرَجُ حَيًّا ﴿٦٦﴾

मरने के बाद पुनर्जीवित करके उठाए जाने का इनकार करने वाला उपहास करते हुए कहता है : क्या जब मैं मर जाऊँगा, तो फिर से अपनी क़ब्र से जीवित करके निकाला जाऊँगा?! यह तो बड़ी दूर की बात है।