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مريم

आयत 63

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

تِلْكَ ٱلْجَنَّةُ ٱلَّتِى نُورِثُ مِنْ عِبَادِنَا مَن كَانَ تَقِيًّا ﴿٦٣﴾

इने विशेषताओं के साथ वर्णित यह जन्नत, वह है जिसका उत्तराधिकारी हम अपने उन बंदों को बनाएँगे, जो (हमारे) आदेशों का पालन करने वाले होंगे और (हमारी) मना की हुई चीज़ों से बचने वाले होंगे।