तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَوَهَبْنَا لَهُۥ مِن رَّحْمَتِنَآ أَخَاهُ هَـٰرُونَ نَبِيًّا ﴿٥٣﴾
और हमने (उसपर अपनी दया और अनुग्रह के कारण) उसे उसके भाई हारून अलैहिस्सलाम को नबी बनाकर दिया; जो दरअसल उसकी उस दुआ को स्वीकार करने के रूप में था जो उन्होंने अपने रब से माँगी थी।