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مريم

आयत 38

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَسْمِعْ بِهِمْ وَأَبْصِرْ يَوْمَ يَأْتُونَنَا ۖ لَـٰكِنِ ٱلظَّـٰلِمُونَ ٱلْيَوْمَ فِى ضَلَـٰلٍ مُّبِينٍ ﴿٣٨﴾

उस दिन वे कितना सुनने वाले और कितना देखने वाले होंगे। वे उस समय सुनेंगे जब उन्हें सुनने से कोई फायदा नहीं होगा और उस समय देखेंगे जब देखने से उन्हें कोई लाभ नहीं होगा। परंतु अत्याचारी लोग दुनिया के जीवन में सीधे मार्ग से हटकर स्पष्ट गुमराही में पड़े हुए हैं। अतः वे आख़िरत के लिए कोई तैयारी नहीं करते यहाँ तक कि वह अचानक उन पर आ जाएगी और वे अपने अत्याचार ही में पड़े होंगे।