तफ़सीर अल-मुख़्तसर
حَتَّىٰٓ إِذَا بَلَغَ بَيْنَ ٱلسَّدَّيْنِ وَجَدَ مِن دُونِهِمَا قَوْمًا لَّا يَكَادُونَ يَفْقَهُونَ قَوْلًا ﴿٩٣﴾
और वह चलता रहा, यहाँ तक कि दो पर्वतों के बीच एक दर्रे तक पहुँचा, तो दोनों के उस पार एक ऐसी जाति को पाया, जो मुश्किल से किसी और की बात समझ पाती थी।