तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذْ قَالَ مُوسَىٰ لِفَتَىٰهُ لَآ أَبْرَحُ حَتَّىٰٓ أَبْلُغَ مَجْمَعَ ٱلْبَحْرَيْنِ أَوْ أَمْضِىَ حُقُبًا ﴿٦٠﴾
और (ऐ रसूल) वह समय याद करें, जब मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने सेवक यूशा बिन नून से कहा : मैं लगातार चलता ही रहूँगा, यहाँ तक कि दो सागरों के संगम पर पहुँच जाऊँ या लंबे समय तक चलता ही रहूँ, यहाँ तक कि सदाचारी बंदे से मिलकर उससे कुछ ज्ञान अर्जित कर लूँ।