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الكهف

आयत 46

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱلْمَالُ وَٱلْبَنُونَ زِينَةُ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا ۖ وَٱلْبَـٰقِيَـٰتُ ٱلصَّـٰلِحَـٰتُ خَيْرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابًا وَخَيْرٌ أَمَلًا ﴿٤٦﴾

धन और संतान सांसारिक जीवन की शोभा हैं। और आखिरत में धन का कोई लाभ नहीं है जब तक कि उसे अल्लाह को प्रसन्न करने वाले काम में न खर्च किया जाए। तथा अल्लाह के निकट पसंदीदा कार्य और बातें, सवाब की दृष्टि से, संसार की सभी शोभाओं से उत्तम हैं। और वे सबसे उत्तम वस्तु हैं, जिनकी इनसान आशा करता है। क्योंकि दुनिया की शोभा नश्वर है, जबकि अल्लाह के निकट पसंदीदा कामों और बातों का सवाब बाक़ी रहने वाला है।