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الكهف

आयत 105

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِـَٔايَـٰتِ رَبِّهِمْ وَلِقَآئِهِۦ فَحَبِطَتْ أَعْمَـٰلُهُمْ فَلَا نُقِيمُ لَهُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ وَزْنًا ﴿١٠٥﴾

यही वे लोग हैं, जिन्होंने अपने पालनहार की उन आयतों का इनकार किया, जो उसके एकेश्वरवाद को दर्शाती हैं और उससे मिलने का इनकार किया। अतः उनके इस इनकार के कारण उनके सारे कर्म बेकार हो गए। इसलिए, क़ियामत के दिन अल्लाह के निकट उनका कोई मान नहीं होगा।