तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَقَالُوا۟ لَن نُّؤْمِنَ لَكَ حَتَّىٰ تَفْجُرَ لَنَا مِنَ ٱلْأَرْضِ يَنۢبُوعًا ﴿٩٠﴾
मुश्रिकों ने कहा : हम तुमपर कदापि ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि तुम हमारे लिए मक्का की धरती से एक बहता हुआ चश्मा निकाल दो, जो कभी न सूखे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَقَالُوا۟ لَن نُّؤْمِنَ لَكَ حَتَّىٰ تَفْجُرَ لَنَا مِنَ ٱلْأَرْضِ يَنۢبُوعًا ﴿٩٠﴾