तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِمَّا تُعْرِضَنَّ عَنْهُمُ ٱبْتِغَآءَ رَحْمَةٍ مِّن رَّبِّكَ تَرْجُوهَا فَقُل لَّهُمْ قَوْلًا مَّيْسُورًا ﴿٢٨﴾
और यदि तुम इन लोगों को कुछ न दे सको; क्योंकि अल्लाह की ओर से जीविका प्रदान किए जाने की प्रतीक्षा करते हुए उन्हें देने के लिए कुछ भी नहीं है, तो तुम उनसे नरम और आसान बात कहो। उदाहरण के लिए तुम उनके लिए जीविका के विस्तार की दुआ करो, या अल्लाह की ओर से धन प्राप्त होने पर उन्हें देने का वादा करो।