तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَّن كَانَ يُرِيدُ ٱلْعَاجِلَةَ عَجَّلْنَا لَهُۥ فِيهَا مَا نَشَآءُ لِمَن نُّرِيدُ ثُمَّ جَعَلْنَا لَهُۥ جَهَنَّمَ يَصْلَىٰهَا مَذْمُومًا مَّدْحُورًا ﴿١٨﴾
जो व्यक्ति नेकी के कामों से सांसारिक जीवन का इरादा रखता है, और आख़िरत पर ईमान नहीं रखता और न ही उसकी कोई परवाह करता है, तो हम उसे दुनिया में वह चीज़ जल्द प्रदान कर देते हैं जो हम चाहते हैं, न कि जो नेमतें वह चाहता है, जिसके साथ हम ऐसा करना चाहते हैं। फिर हमने उसके लिए जहन्नम तैयार कर रखी है, जिसमें वह क़ियामत के दिन प्रवेश करके उसकी गर्मी को सहन करेगा, वह दुनिया को अपनी पसंद बनाने और आखिरत का इनकार करने पर निंदित होगा और अल्लाह की दया से निष्कासित कर दिया गया होगा।