तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَيَخِرُّونَ لِلْأَذْقَانِ يَبْكُونَ وَيَزِيدُهُمْ خُشُوعًا ۩ ﴿١٠٩﴾
और वे अल्लाह को सजदा करते हुए, उसके भय से रोते हुए अपने चेहरों के बल गिर जाते हैं। तथा क़ुरआन का सुनना और उसके अर्थों पर चिंतन करना उन्हें अल्लाह के प्रति विनम्रता और भय में बढ़ा देता है।