तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَلْقَوْا۟ إِلَى ٱللَّهِ يَوْمَئِذٍ ٱلسَّلَمَ ۖ وَضَلَّ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يَفْتَرُونَ ﴿٨٧﴾
उस दिन शिर्क करने वाले अल्लाह के समक्ष समर्पण कर देंगे और अकेले उसी के आज्ञानुवर्ती बन जाएँगे, तथा उनका यह गढ़ा हुआ दावा हवा हो जाएगा कि उनकी मूर्तियाँ अल्लाह के निकट उनकी सिफ़ारिश करेंगी।