तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَوْحَىٰ رَبُّكَ إِلَى ٱلنَّحْلِ أَنِ ٱتَّخِذِى مِنَ ٱلْجِبَالِ بُيُوتًا وَمِنَ ٱلشَّجَرِ وَمِمَّا يَعْرِشُونَ ﴿٦٨﴾
और (ऐ रसूल!) तेरे पालनहार ने मधुमक्खियों के दिल में यह बात डाल दी और उन्हें निर्देशित किया कि : तुम पर्वतों में अपने लिए घर बनाओ, तथा पेड़ों में और उसमें घर बनाओ, जो लोग निर्माण करते और छत बनाते हैं।