तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أَوْ يَأْخُذَهُمْ عَلَىٰ تَخَوُّفٍ فَإِنَّ رَبَّكُمْ لَرَءُوفٌ رَّحِيمٌ ﴿٤٧﴾
या वे इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि उनपर अल्लाह की यातना उस दशा में आ जाए जब वे उससे डरे हुए हों। क्योंकि अल्लाह हर हाल में उन्हें सज़ा देने में सक्षम है। निश्चय आपका रब बहुत करुणामय और अत्यंत दयावान् है। वह अपने बंदों को सज़ा देने में जल्दी नहीं करता कि शायद उसके बंदे उससे तौबा कर लें।