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النحل

आयत 27

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ثُمَّ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ يُخْزِيهِمْ وَيَقُولُ أَيْنَ شُرَكَآءِىَ ٱلَّذِينَ كُنتُمْ تُشَـٰٓقُّونَ فِيهِمْ ۚ قَالَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْعِلْمَ إِنَّ ٱلْخِزْىَ ٱلْيَوْمَ وَٱلسُّوٓءَ عَلَى ٱلْكَـٰفِرِينَ ﴿٢٧﴾

फिर क़ियामत के दिन अल्लाह उन्हें यातना के द्वारा अपमानित करेगा और उनसे कहेगा : मेरे वे साझी कहाँ हैं, जिन्हें तुम इबादत में मेरा साझी बनाया करते थे और उनके कारण मेरे नबियों और ईमान वालों से दुश्मनी रखा करते थे? अल्लाह वाले विद्वान कहेंगे : निश्चय क़ियामत के दिन अपमान तथा यातना काफ़िरों पर है।