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النحل

आयत 2

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يُنَزِّلُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ بِٱلرُّوحِ مِنْ أَمْرِهِۦ عَلَىٰ مَن يَشَآءُ مِنْ عِبَادِهِۦٓ أَنْ أَنذِرُوٓا۟ أَنَّهُۥ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّآ أَنَا۠ فَٱتَّقُونِ ﴿٢﴾

अल्लाह फ़रिश्तों को वह़्य के साथ, अपने आदेश से, अपने रसूलों में से जिस पर चाहता है, उतारता है कि (ऐ रसूलो!) लोगों को अल्लाह का साझी बनाने से डराओ। क्योंकि मेरे सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। अतः (ऐ लोगो!) मेरे आदेशों का पालन करके और मेरी मना की हुई बातों से बचकर मुझसे डरो।