तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَعَمْرُكَ إِنَّهُمْ لَفِى سَكْرَتِهِمْ يَعْمَهُونَ ﴿٧٢﴾
(ऐ रसूल!) आपके जीवन की क़सम, निःसंदेह लूत अलैहिस्सलाम की जाति के लोग अपनी कामवासना की प्रबलता में भटक रहे थे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَعَمْرُكَ إِنَّهُمْ لَفِى سَكْرَتِهِمْ يَعْمَهُونَ ﴿٧٢﴾