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يوسف

आयत 44

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالُوٓا۟ أَضْغَـٰثُ أَحْلَـٰمٍ ۖ وَمَا نَحْنُ بِتَأْوِيلِ ٱلْأَحْلَـٰمِ بِعَـٰلِمِينَ ﴿٤٤﴾

उन लोगों ने कहा : आपका सपना, उलझे हुए सपनों का मिश्रण है। और जो ऐसा हो उसकी कोई व्याख्या नहीं है और हम मिश्रित सपनों की व्याख्या से अवगत नहीं हैं।