तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالُوا۟ لَقَدْ عَلِمْتَ مَا لَنَا فِى بَنَاتِكَ مِنْ حَقٍّ وَإِنَّكَ لَتَعْلَمُ مَا نُرِيدُ ﴿٧٩﴾
उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : (ऐ लूत!) तुम तो जानते ही हो कि हमें तुम्हारी बेटियों की या तुम्हारी जाति की महिाओं की न कोई ज़रूरत है, और न कोई इच्छा (वासना) है। निःसंदेह तुम भली-भाँति जानते हो कि हम क्या चाहते हैं। हम तो केवल पुरुषों को चाहते हैं।