तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَإِن تَوَلَّوْا۟ فَقَدْ أَبْلَغْتُكُم مَّآ أُرْسِلْتُ بِهِۦٓ إِلَيْكُمْ ۚ وَيَسْتَخْلِفُ رَبِّى قَوْمًا غَيْرَكُمْ وَلَا تَضُرُّونَهُۥ شَيْـًٔا ۚ إِنَّ رَبِّى عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ حَفِيظٌ ﴿٥٧﴾
यदि तुमने मेरे लाए हुए संदेश से उपेक्षा किया और उससे पीछे हट गए, तो मेरा काम केवल तुम्हें संदेश पहुँचा देना है। और वास्तव में, मैंने वह सब कुछ तुम्हें पहुँचा दिया है, जिसके साथ अल्लाह ने मुझे भेजा था और मुझे उसके पहुँचाने का आदेश दिया था। अब तुमपर तर्क स्थापित हो चुका है। शीघ्र ही मेरा पालनहार तुम्हें विनष्ट कर देगा और तुम्हारे अलावा दूसरी जाति को लाएगा, जो तुम्हारे उत्तराधिकारी होंगे। तुम अपने झुठलाने और मुँह मोड़ने से अल्लाह को कोई छोटा या बड़ा नुक़सान नहीं पहुँचा सकते। क्योंकि वह अपने बंदों से बेनियाज़ है। निःसंदेह, मेरा पालनहार प्रत्येक वस्तु पर संरक्षक है। इसलिए वही तुम्हारी बुरी चाल से मेरी रक्षा करता है।