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هود

आयत 1

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ الٓر ۚ كِتَـٰبٌ أُحْكِمَتْ ءَايَـٰتُهُۥ ثُمَّ فُصِّلَتْ مِن لَّدُنْ حَكِيمٍ خَبِيرٍ ﴿١﴾

(अलिफ़, लाम, रा) इस प्रकार के अक्षरों के बारे में सूरतुल-बक़रा के आरंभ में बात गुज़र चुकी है। क़ुरआन एक ऐसी किताब है, जिसकी आयतें संरचना और अर्थ के रूप से सुदृढ़ की गई हैं। अतः आप उनमें किसी प्रकार का विकार (दोष) और कमी नहीं पाएँगे। फिर हलाल व हराम, आदेश व निषेध, वादा व धमकी, कहानियों और अन्य बातों का उल्लेख करके उन्हें स्पष्ट कर दिया गया है। यह क़ुरआन उस अल्लाह की ओर से है, जो अपने प्रबंधन और विधान में हिकमत वाला है, अपने बंदों की स्थितियों और उनका सुधार करने वाली चीज़ों को जानने वाला है।