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قريش

आयत 3

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَلْيَعْبُدُوا۟ رَبَّ هَـٰذَا ٱلْبَيْتِ ﴿٣﴾

अतः उन्हें चाहिए कि केवल इस सम्मानित घर के मालिक अल्लाह की इबादत करें, जिसने उनके लिए इस यात्रा की सुविधा प्रदान की, और उसके साथ किसी को साझी न बनाएँ।