तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كَلَّا ۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِى ٱلْحُطَمَةِ ﴿٤﴾
मामला वैसा नहीं है, जैसा कि इस जाहिल ने कल्पना की है, निश्चय वह ज़रूर जहन्नम की आग में फेंका जाएगा, जो इतनी शक्तिशाली है कि उसमें डाली गई हर चीज़ को तोड़कर रख देगी।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كَلَّا ۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِى ٱلْحُطَمَةِ ﴿٤﴾