अज़ीज़ुल-हक़ उमरी — 75
3:187 तथा (ऐ नबी! याद करो) जब अल्लाह ने किताब वालों[112] से पक्का वचन लिया था कि तुम अवश्य इसे लोगों के सामने बयान करते रहोगे और इसे छुपाओगे नहीं, तो उन्होंने इस वचन को पीठ पीछे डाल दिया और उसके बदले तनिक मूल्य प्राप्त[113] कर लिया। तो वे कितनी बुरी चीज़ खरीद रहे हैं?
3:188 (ऐ नबी!) जो लोग[114] अपने कृत्यों पर प्रसन्न हो रहे हैं और चाहते हैं कि उन्हें उन कामों के लिए (भी) सराहा जाए, जो उन्होंने नहीं किए हैं, तो आप हरगिज़ यह न समझें कि वे यातना से बच जाएँगे। उनके लिए तो दुःखदायी यातना है।
3:189 तथा आकाशों और धरती का राज्य अल्लाह ही का है तथा अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
3:190 निःसंदेह आसमानों और ज़मीन की रचना तथा रात और दिन के आने-जाने में, बुद्धिमानों के लिए निशानियाँ हैं।[115]
3:191 जो खड़े और बैठे और अपनी करवटों पर लेटे हुए अल्लाह को याद करते हैं तथा आसमानों और ज़मीन की रचना में सोच-विचार करते हैं। (वे कहते हैं :) ऐ हमारे पालनहार! तूने यह सब कुछ बेकार[116] नहीं रचा है। अतः हमें आग के अज़ाब से बचा ले।
3:192 ऐ हमारे पालनहार! तूने जिसे नरक में डाल दिया, तो वास्तव में तूने उसे अपमानित कर दिया। और ज़ालिमों का कोई सहायक नहीं।
3:193 ऐ हमारे पालनहार! हमने एक पुकारने वाले[117] को ईमान की ओर बुलाते हुए सुना कि अपने पालनहार पर ईमान लाओ, तो हम ईमान ले आए। ऐ हमारे पालनहार! तो अब तू हमारे पापों को क्षमा कर दे तथा हमारी बुराइयों को हमसे दूर कर दे और हमें सदाचारियों के साथ मृत्यु दे।
3:194 ऐ हमारे पालनहार! और हमें वह चीज़ प्रदान कर जिसका तूने अपने रसूलों के द्वारा हमसे वादा किया है तथा क़यामत के दिन हमें अपमानित न कर। वास्तव में तू अपने वादे के विरुद्ध नहीं करता है।