अज़ीज़ुल-हक़ उमरी — 533
55:42 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:43 यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।
55:44 वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।
55:45 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:46 और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।
55:47 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:48 दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।
55:49 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:50 उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।
55:51 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:52 उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।
55:53 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:54 ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।
55:55 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:56 उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।
55:57 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:58 मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।
55:59 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:60 एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?
55:61 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:62 तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।
55:63 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:64 दोनों गहरे हरे रंग के हैं।
55:65 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:66 उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।
55:67 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:68 उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।
55:69 तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?