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अज़ीज़ुल-हक़ उमरी — 451

37:127 किंतु उन्होंने उसे झुठला दिया। तो निश्चय वे अवश्य हाज़िर किए जाने वाले हैं।

37:128 सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।

37:129 और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।

37:130 सलाम हो इल्यासीन[19] पर।

37:131 निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।

37:132 निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।

37:133 और निःसंदेह लूत निश्चय रसूलों में से था।

37:134 जब हमने उसे तथा उसके सब घर वालों को बचाया।

37:135 सिवाय एक बुढ़िया[20] के, जो पीछे रह जाने वालों में से थी।

37:136 फिर हमने दूसरों का विनाश कर दिया।

37:137 तथा निःसंदेह तुम[21] निश्चय सुबह के समय जाते हुए उनपर से गुज़रते हो।

37:138 तथा रात के समय भी। तो क्या तुम समझते नहीं?

37:139 तथा निःसंदेह यूनुस निश्चय रसूलों में से था।

37:140 जब वह भरी नाव की ओर भागकर गया।[22]

37:141 फिर वह क़ुर'आ में शामिल हुआ, तो हारने वालों में से हो गया।

37:142 फिर मछली ने उसे निगल लिया, इस हाल में कि वह निंदनीय था।

37:143 फिर अगर यह बात न होती कि वह अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करने वालों में से था।

37:144 तो निश्चय वह उसके पेट में उस दिन तक रहता, जिसमें लोग उठाए जाएँगे।[23]

37:145 फिर हमने उसे चटियल मैदान में फेंक दिया, इस हाल में कि वह बीमार[24] था।

37:146 तथा हमने उसपर एक लता वाला वृक्ष उगा दिया।[25]

37:147 तथा हमने उसे एक लाख की ओर भेजा, बल्कि वे अधिक होंगे।

37:148 चुनाँचे वे ईमान ले आए, तो हमने उन्हें एक समय तक लाभ उठाने दिया।[26]

37:149 तो (ऐ नबी!) आप उनसे पूछें कि क्या आपके पालनहार के लिए बेटियाँ हैं और उनके लिए बेटे?

37:150 या हमने फ़रिश्तों को मादा पैदा किया, जबकि वे उस समय उपस्थित[27] थे?

37:151 सुन लो! निःसंदेह वे निश्चय अपने झूठ ही से कहते हैं।

37:152 कि अल्लाह ने संतान बनाया है। और निःसंदेह वे निश्चय झूठे हैं।

37:153 क्या उसने पुत्रियों को पुत्रों पर प्राथमिकता दी?