अज़ीज़ुल-हक़ उमरी — 450
37:103 अंततः जब दोनों (अल्लाह के आदेश के प्रति) समर्पित हो गए, और उसने उसे पेशानी के एक किनारे पर गिरा दिया।
37:104 और हमने उसे आवाज़ दी कि ऐ इबराहीम!
37:105 निश्चय तूने स्वप्न को सच कर दिखाया। हम सदाचारियों को इसी तरह बदला प्रदान करते हैं।
37:106 निःसंदेह यही तो निश्चय खुला परीक्षण है।
37:107 और हमने उसके फ़िदया (छुड़ौती) में एक बहुत बड़ा ज़बीहा[17] दिया।
37:108 और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
37:109 सलाम हो इबराहीम पर।
37:110 हम इसी तरह सदाचारियों को बदला प्रदान करते हैं।
37:111 निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
37:112 तथा हमने उसे इसहाक़ की शुभ सूचना दी, जो नबी होगा, सदाचारियों में से (होगा)।[18]
37:113 तथा हमने उसपर और इसहाक़ पर बरकत उतारी। और उन दोनों की संतति में से कोई सदाचारी है और कोई अपने आप पर खुला अत्याचार करने वाला है।
37:114 तथा निःसंदेह हमने मूसा और हारून पर उपकार किया।
37:115 और हमने उन दोनों को और उन दोनों की जाति को बहुत बड़ी विपत्ति से छुटकारा दिया।
37:116 तथा हमने उनकी सहायता की, तो वही प्रभुत्वशाली रहे।
37:117 तथा हमने उन दोनों को अत्यंत स्पष्ट पुस्तक (तौरात) प्रदान की।
37:118 और हमने उन दोनों को सीधे मार्ग पर चलाया।
37:119 और हमने पीछे आने वालों में उन दोनों का अच्छा स्मरण छोड़ा।
37:120 सलाम हो मूसा और हारून पर।
37:121 निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
37:122 निःसंदेह वे दोनों हमारे ईमान वाले बंदों में से थे।
37:123 तथा निःसंदेह इलयास निश्चय नबियों में से थे।
37:124 जब उसने अपनी जाति से कहा : क्या तुम डरते नहीं?
37:125 क्या तुम 'बअ्ल' (नामक मूर्ति) को पुकारते हो? तथा पैदा करने वालों में सबस बेहतर को छोड़ देते हो?
37:126 अल्लाह को, जो तुम्हारा पालनहार है तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।