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अज़ीज़ुल-हक़ उमरी — 311

19:77 तो क्या (ऐ नबी!) आपने उस व्यक्ति को देखा, जिसने हमारी आयतों का इनकार किया और कहा : मैं अवश्य ही धन तथा संतान दिया जाऊँगा?

19:78 क्या उसने परोक्ष को झाँककर देख लिया है, या उसने रहमान से कोई वचन ले रखा है?

19:79 कदापि नहीं! हम अवश्य लिखेंगे, जो कुछ वह कहता है और हम उसके लिए यातना में अत्यधिक वृद्धि कर देंगे।

19:80 और हम उसके वारिस होंगे उन चीज़ों में जो वह कर रहा है और वह अकेला[18] हमारे पास आएगा।

19:81 तथा उन्होंने अल्लाह के सिवा अन्य पूज्य बना लिए, ताकि वे उनके लिए सम्मान का कारण हों।

19:82 ऐसा कभी नहीं होगा, जल्द ही वे उनकी पूजा का इनकार[19] कर देंगे और उनके खिलाफ (विरोधी) हो जाएँगे।

19:83 क्या आपने नहीं देखा कि हमने शैतानों को काफ़िरों पर छोड़ रखा है, वे उन्हें ख़ूब उकसाते रहते हैं?

19:84 अतः आपर उनपर जल्दी न करें [20], हम तो केवल उनके लिए (दिन) गिन रहे हैं।

19:85 जिस दिन हम परहेज़गारों को रहमान के पास मेहमान बनाकर इकट्ठा करेंगे।

19:86 तथा अपराधियों को नरक की ओर प्यासे हाँककर ले जाएँगे।

19:87 वे सिफारिश का अधिकार नहीं रखेंगे, सिवाय उसके जिसने रहमान के पास कोई प्रतिज्ञा प्राप्त कर ली हो।[21]

19:88 तथा उन्होंने कहा कि रहमान ने संतान बना रखी है।[22]

19:89 निश्चय ही तुम एक बड़ी भारी बात गढ़कर लाए हो।

19:90 समीप है कि इस कथन के कारण आकाश फट पड़ें तथा धरती चिर जाए और और पहाड़ ध्वस्त होकर गिर पड़ें।

19:91 इस बात पर कि उन्होंने रहमान की संतान होने का दावा किया।

19:92 हालाँकि, रहमान के योग्य नहीं कि कोई संतान बनाए।

19:93 आकाशों तथा धरती में जो कोई भी है, वह रहमान के पास दास के रूप में आने वाला है।

19:94 निश्चय उसने उन्हें (अपने ज्ञान के साथ) घेर रखा है तथा उन्हें अच्छी तरह गिन रखा है।

19:95 और उनमें से हर एक क़ियामत के दिन उसके पास अकेला आने वाला है।[23]